मुंबई: HDFC Bank में इस्तीफे का बवाल, पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने बताया कारण एचडीएफसी बैंक के पूर्व चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने सोमवार को कहा कि उन्होंने देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक से इस्तीफा AT-1 बॉन्ड की गलत बिक्री और बैंक के खराब प्रदर्शन के कारण दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस महीने की शुरुआत में दिए गए इस्तीफे के पीछे कोई व्यक्तिगत मतभेद नहीं थे, बल्कि मूल्यों और नैतिकता में अंतर उनकी मुख्य चिंता थी।
AT-1 बॉन्ड विवाद
चक्रवर्ती ने बताया कि AT-1 (एडिशनल टियर-1) बॉन्ड की गलत बिक्री पर बैंक पर नियामकों ने सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, “इस मामले को तकनीकी मुद्दा मान लिया गया, जबकि दुबई और भारत के नियामकों ने पहले ही इस पर कार्रवाई की थी।” उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की गतिविधियों से बैंक की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचता है, क्योंकि लोग बैंक पर सलाह और भरोसा करने आते हैं।
दुबई में कार्रवाई
पिछले साल सितंबर में, दुबई के अधिकारियों ने HDFC Bank की ब्रांच को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। यह रोक क्रेडिट सुइस के AT-1 बॉन्ड की कथित गलत बिक्री के कारण लगी थी। चक्रवर्ती ने कहा कि प्रोत्साहन संरचना, प्रबंधन और बोर्ड को जमाकर्ताओं, शेयरधारकों और आम जनता के हितों के अनुरूप काम करना चाहिए।
बैंक का कमजोर प्रदर्शन
पूर्व चेयरमैन ने कहा कि बैंक के कमतर प्रदर्शन के कारण भी उन्होंने इस्तीफा दिया। इसमें शामिल हैं:
- शेयर कीमतों का कम रहना
- चालू और बचत खाता जमाओं में हिस्सेदारी का कम होना
- उच्च कॉस्ट-टू-इनकम अनुपात
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि HDFC लिमिटेड के बैंक में विलय का उनके इस्तीफे से कोई संबंध नहीं है।
मुख्य बात: चक्रवर्ती का इस्तीफा नैतिकता और मूल्य प्रणाली की रक्षा के लिए था, और उन्होंने बैंक के बेहतर प्रदर्शन को सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र निदेशकों की जिम्मेदारी पर जोर दिया।
